व्यावहारिक अम्ल-क्षार विश्लेषण: रसायन विज्ञान अभ्यास परीक्षा
इस मौलिक 50-अंकीय रसायन विज्ञान अभ्यास प्रश्नपत्र से अम्ल-क्षार विश्लेषण की अपनी समझ जाँचें। डिजिटल प्रोब, घरेलू अनुमापन, औद्योगिक गुणवत्ता नियंत्रण और सम्मानजनक शोध प्रक्रियाओं पर आधारित प्रश्नों के साथ विस्तृत हल और अंकन मार्गदर्शिका प्राप्त करें।
यह tutorgum का एक मौलिक अभ्यास प्रश्नपत्र है, जो दिए गए chemistry-2017 विषय-क्षेत्र के आधार पर व्यवहार में अम्ल-क्षार विश्लेषण को शामिल करता है। इसमें डिजिटल pH और चालकता मापन, घरेलू पदार्थों की अम्लता का विश्लेषण, औद्योगिक अनुमापन द्वारा गुणवत्ता नियंत्रण, तथा एबोरिजिनल और टोरेस स्ट्रेट द्वीपवासी समुदायों के संदर्भ में अम्ल-क्षार विश्लेषण की सम्मानजनक जाँच का आकलन किया जाता है। यह एक केंद्रित विषय-आधारित प्रश्नपत्र है, न कि पूरे पाठ्यक्रम की परीक्षा या NESA का आधिकारिक, अनुमोदित, पूर्व-वर्ष का अथवा अनुमानित प्रश्नपत्र।
01परीक्षा संबंधी निर्देश
| शर्त | विवरण |
|---|---|
| कुल अंक | 50 |
| सुझाया गया पठन समय | 5 मिनट |
| सुझाया गया कार्य समय | 75 मिनट |
| उपकरण | वैज्ञानिक कैलकुलेटर और पैमाना |
| प्रश्न | सभी पाँच प्रश्नों के उत्तर दें |
| गणना एवं कार्यविधि | गणनाएँ, मानों का प्रतिस्थापन, इकाइयाँ और उचित पूर्णांकन दर्शाएँ |
ये इस अभ्यास प्रश्नपत्र के लिए सुझाई गई शर्तें हैं, आधिकारिक परीक्षा नियमों के संबंध में कथन नहीं।
मूल्यांकित विषय-क्षेत्र
यह प्रश्नपत्र केवल दिए गए विषय-क्षेत्र का आकलन करता है:
- pH और चालकता के आँकड़े एकत्र करने, संसाधित करने और उनका मूल्यांकन करने के लिए डिजिटल प्रोब और उपकरणों का उपयोग।
- अंशांकन, नमूना-संग्रह की गुणवत्ता, पुनरावृत्त मापों की संगति तथा विश्लेषणात्मक विधियों की उपयुक्तता।
- अनुमापन और परिणामों के संप्रेषण सहित घरेलू पदार्थों की अम्लता का विश्लेषण।
- औद्योगिक अनुमापन, गुणवत्ता नियंत्रण और उत्पाद विनिर्देशों के संबंध में निर्णय।
- एबोरिजिनल और टोरेस स्ट्रेट द्वीपवासी समुदायों के संदर्भ में अम्ल-क्षार विश्लेषण की सम्मानजनक जाँच, जिसमें सामुदायिक अधिकार, सांस्कृतिक संदर्भ और उत्तरदायित्वपूर्ण रिपोर्टिंग शामिल हैं।
इस निर्दिष्ट विषय-क्षेत्र से बाहर के अन्य रसायन विज्ञान मॉड्यूल और विषयवस्तु इसमें शामिल नहीं हैं।
गणना एवं उत्तर लिखने के नियम
- mol L⁻¹ में दी गई सांद्रताओं से पदार्थ की मात्रा की गणना करते समय आयतन लीटर में लें।
- संख्यात्मक उत्तरों में इकाइयाँ लिखें, सिवाय उन राशियों के जिनकी कोई इकाई नहीं होती, जैसे pH।
- दिए गए आँकड़ों के अनुरूप सार्थक अंकों की उचित संख्या तक उत्तर दें।
- प्रत्येक प्रश्न ध्यानपूर्वक पढ़ें। अपने निष्कर्षों के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करें, विशेष रूप से आँकड़ों या किसी विधि की उपयुक्तता का मूल्यांकन करते समय।
02प्रश्न
प्रश्न 1 (8 अंक)
एक विद्यार्थी डिजिटल pH प्रोब का उपयोग करके एक क्षारीय घरेलू सफाई उत्पाद का pH मापना चाहता है।
प्रोब का अंशांकन pH 4.00 और pH 7.00 वाले बफर विलयनों का उपयोग करके किया गया है। इसके बाद एक तकनीशियन तीन प्रमाणित बफर विलयनों के नए भागों का उपयोग करके इसके प्रदर्शन की जाँच करता है।
| प्रमाणित बफर pH | प्रोब की रीडिंग |
|---|---|
| 4.00 | 4.02 |
| 7.00 | 6.99 |
| 10.00 | 9.62 |
स्वीकृति मानदंड के अनुसार, प्रत्येक जाँच की रीडिंग प्रमाणित मान से ±0.05 pH इकाई के भीतर होनी चाहिए।
(a) प्रत्येक बफर के लिए प्रमाणित मान और प्रोब की रीडिंग के बीच निरपेक्ष विचलन की गणना करें। (3 अंक)
(b) निर्धारित करें कि क्या ये परिणाम पूर्ण pH परास में, जिसमें क्षारीय सफाई उत्पाद भी शामिल है, प्रोब का उपयोग करने को उचित ठहराते हैं। स्वीकृति मानदंड का उपयोग करके अपने निर्णय को उचित सिद्ध करें। (2 अंक)
(c) सफाई उत्पाद का pH मापने से पहले प्रोब के लिए अपनाई जाने वाली एक उपयुक्त सुधारात्मक प्रक्रिया और सत्यापन चरण का वर्णन करें। (3 अंक)
प्रश्न 2 (9 अंक)
एक क्षेत्रीय दल पानी के तीन नमूनों में से प्रत्येक के pH और चालकता की तीन पुनरावृत्त रीडिंग लेता है। प्रत्येक रीडिंग-समूह एक ही नमूने के बार-बार किए गए मापों को दर्शाता है।
चालकता को माइक्रोसीमेंस प्रति सेंटीमीटर (µS cm⁻¹) में व्यक्त किया गया है।
| नमूना | pH रीडिंग | चालकता रीडिंग (µS cm⁻¹) |
|---|---|---|
| A | 6.42, 6.48, 6.43 | 180, 185, 181 |
| B | 5.12, 5.18, 7.82 | 620, 625, 618 |
| C | 7.21, 7.24, 7.22 | 205, 208, 206 |
- नमूना A
- नमूना B
- नमूना C
(a) नमूना A और नमूना C के औसत pH की गणना करें। प्रत्येक उत्तर दो दशमलव स्थानों तक दें। (2 अंक)
(b) उस नमूने की पहचान करें जिसके pH मापों में पुनरावृत्तता सबसे खराब है। उसकी रीडिंगों का परास ज्ञात करें। (2 अंक)
(c) नमूना B की औसत चालकता की गणना करें। उपयुक्त इकाई भी लिखें। (2 अंक)
(d) नमूना B की चालकता के आँकड़ों से समर्थित एक निष्कर्ष बताएँ। फिर ऐसा एक निष्कर्ष बताएँ जिसे केवल चालकता के आधार पर स्थापित नहीं किया जा सकता। (2 अंक)
(e) नमूना B के pH परिणामों को स्वीकार करने से पहले की जाने वाली एक प्रक्रियात्मक जाँच की पहचान करें। (1 अंक)
प्रश्न 3 (11 अंक)
एक विद्यार्थी अनुमापन का उपयोग करके नींबू से बने एक घरेलू पेय की अम्लता की जाँच करता है।
अलग से मापे गए मूल पेय का pH 2.84 है।
विद्यार्थी पेय के 10.00 mL को पिपेट की सहायता से लेकर 100.0 mL की एक आयतनमितीय फ्लास्क में डालता है और आसुत जल मिलाकर विलयन को निशान तक पतला करता है। फिर इस तनु विलयन के 20.00 mL के एक ऐलिक्वॉट, अर्थात मापे गए भाग, का 0.1000 mol L⁻¹ सोडियम हाइड्रॉक्साइड, NaOH, से अनुमापन किया जाता है।
टाइटर वह टाइट्रेंट का आयतन है जो अनुमापन के अंतिम बिंदु तक पहुँचने के लिए दिया जाता है।
तीन टाइटर इस प्रकार हैं:
| परीक्षण | NaOH का टाइटर (mL) |
|---|---|
| 1 | 12.35 |
| 2 | 12.45 |
| 3 | 12.40 |
गणनाओं के लिए मान लें कि टाइटर में योगदान देने वाला एकमात्र अम्ल सिट्रिक अम्ल है। दी गई अभिक्रिया समीकरण का उपयोग करें:
\[ \ce{C6H8O7 + 3NaOH -> Na3C6H5O7 + 3H2O} \]
(a) औसत टाइटर की गणना करें। (1 अंक)
(b) औसत टाइटर पर प्रयुक्त NaOH की मात्रा, मोल में, ज्ञात करें। (2 अंक)
(c) तनु पेय में सिट्रिक अम्ल की सांद्रता mol L⁻¹ में ज्ञात करें। (3 अंक)
(d) मूल पेय में सिट्रिक अम्ल की सांद्रता mol L⁻¹ में ज्ञात करें। (2 अंक)
(e) समझाएँ कि मापा गया pH और अनुमापन से प्राप्त सांद्रता पेय के अलग-अलग गुणों का वर्णन क्यों करते हैं। (2 अंक)
(f) ऐसा एक कारण बताएँ जिसके चलते गणना से प्राप्त मान किसी वास्तविक पेय में सिट्रिक अम्ल की वास्तविक सांद्रता के बराबर न हो। (1 अंक)
प्रश्न 4 (12 अंक)
एक औद्योगिक संयंत्र HZ द्वारा दर्शाए गए एक-प्रोटॉनिक अम्ल से युक्त सफाई विलयन बनाता है। एक-प्रोटॉनिक अम्ल, अम्ल के प्रति एक मोल पर NaOH के एक मोल से अभिक्रिया करता है।
गुणवत्ता-नियंत्रण तकनीशियन प्रत्येक बैच के 25.00 mL नमूने का मानकीकृत 0.1500 mol L⁻¹ NaOH से अनुमापन करता है।
अभिक्रिया है:
\[ \ce{HZ + NaOH -> NaZ + H2O} \]
उत्पाद विनिर्देश के अनुसार अम्ल की सांद्रता 0.185 से 0.195 mol L⁻¹ के बीच, दोनों सीमाओं सहित, होनी चाहिए।
निम्नलिखित टाइटर दर्ज किए गए हैं।
| परीक्षण | बैच A (mL) | बैच B (mL) |
|---|---|---|
| 1 | 31.55 | 34.20 |
| 2 | 31.60 | 34.15 |
| 3 | 31.65 | 34.25 |
(a) प्रत्येक बैच के औसत टाइटर की गणना करें। (2 अंक)
(b) प्रत्येक बैच में अम्ल की सांद्रता mol L⁻¹ में ज्ञात करें। (4 अंक)
(c) निर्धारित करें कि कौन-सा बैच उत्पाद विनिर्देश को पूरा करता है। संख्यात्मक प्रमाण देकर अपने निर्णय का समर्थन करें। (2 अंक)
(d) पुनरावृत्त टाइटर एकत्र करने का एक कारण समझाएँ। केवल पुनरावृत्त मापों पर निर्भर रहने की एक सीमा बताएँ। (2 अंक)
(e) बैच B को उपयोग के लिए जारी करने से पहले गुणवत्ता नियंत्रण की दो उपयुक्त कार्रवाइयों की सिफारिश करें। (2 अंक)
प्रश्न 5 (10 अंक)
एक काल्पनिक समकालीन पर्यावरण निगरानी परियोजना का नेतृत्व एक एबोरिजिनल समुदाय की रेंजर टीम करती है। यह टीम निगरानी के लिए दो स्थलों का चयन करती है और अपने स्थान-विशिष्ट अवलोकनों को डिजिटल pH प्रोब तथा चालकता मीटरों से प्राप्त मापों के साथ जोड़ती है।
एक शोध साझेदार रिपोर्ट का मसौदा तैयार करता है, जिसमें परियोजना को केवल उपकरणों से प्राप्त रीडिंगों के आधार पर “अम्लीय पानी की पहचान करने की एक पारंपरिक एबोरिजिनल विधि” बताया जाता है। साझेदार टीम के अवलोकनों और दोनों स्थलों के सटीक स्थानों को समुदाय की आगे की अनुमति लिए बिना प्रकाशित करने का प्रस्ताव भी देता है।
यह परिदृश्य काल्पनिक है। यह किसी विशिष्ट समुदाय, सांस्कृतिक प्रथा या ज्ञान-प्रणाली का वर्णन नहीं करता।
(a) समझाएँ कि pH और चालकता के माप पानी के नमूने के बारे में क्या-क्या स्थापित कर सकते हैं। प्रत्येक माप की एक सीमा बताएँ। (4 अंक)
(b) परियोजना में सम्मानजनक सहयोग और संबंधित ज्ञान तथा आँकड़ों पर सामुदायिक नियंत्रण को बढ़ावा देने वाली दो कार्रवाइयों की पहचान करें। (2 अंक)
(c) परियोजना के प्रस्तावित वर्णन का मूल्यांकन करें। किसी प्रकाशित शैक्षिक संसाधन में इस कार्य का वर्णन करने का अधिक सटीक तरीका सुझाएँ। (2 अंक)
(d) क्षेत्र में किए गए मापों की रिपोर्ट देने से पहले पूरी की जाने वाली दो वैज्ञानिक जाँचों की पहचान करें। (2 अंक)
03हल सहित समाधान और अंकन मार्गदर्शिका
यदि कोई विद्यार्थी पहले के संख्यात्मक परिणाम पर सही विधि लागू करता है, तो उस परिणाम में त्रुटि होने पर भी आगे की गणना के अंक दें। गणितीय रूप से समतुल्य विधियाँ, उचित पूर्णांकन और जहाँ प्रश्न अनुमति देता है वहाँ मान्य वैकल्पिक प्रक्रियाएँ स्वीकार करें।
समाधान 1
(a) निरपेक्ष विचलनों की गणना करें। (3 अंक)
निरपेक्ष विचलन, प्रोब की रीडिंग और प्रमाणित pH के बीच के अंतर का निरपेक्ष मान है।
pH 4.00 वाले बफर के लिए:
\[ |4.02-4.00|=0.02 \]
pH 7.00 वाले बफर के लिए:
\[ |6.99-7.00|=0.01 \]
pH 10.00 वाले बफर के लिए:
\[ |9.62-10.00|=0.38 \]
क्रमशः विचलन 0.02, 0.01 और 0.38 pH इकाई हैं।
अंकन:
- pH 4.00 वाले बफर का विचलन सही ज्ञात करने के लिए 1 अंक।
- pH 7.00 वाले बफर का विचलन सही ज्ञात करने के लिए 1 अंक।
- pH 10.00 वाले बफर का विचलन सही ज्ञात करने के लिए 1 अंक।
(b) प्रोब की उपयुक्तता का मूल्यांकन करें। (2 अंक)
प्रोब पूर्ण pH परास में स्वीकृति मानदंड को पूरा नहीं करता।
pH 4.00 और pH 7.00 की जाँचों में विचलन अनुमत ±0.05 की सीमा के भीतर हैं। हालाँकि, pH 10.00 की जाँच में विचलन 0.38 है, जो अनुमत सीमा से अधिक है।
अंशांकन की समस्या का समाधान होने तक ये परिणाम इस प्रोब से क्षारीय सफाई उत्पाद का pH मापने को उचित नहीं ठहराते।
अंकन:
- यह सही निष्कर्ष निकालने के लिए 1 अंक कि प्रोब पूर्ण परास में स्वीकार्य नहीं है।
- pH 10.00 की विफल जाँच की पहचान करने और उसके विचलन की तुलना सहनशीलता सीमा से करने के लिए 1 अंक।
(c) सुधारात्मक प्रक्रिया की सिफारिश करें। (3 अंक)
एक उपयुक्त प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण शामिल होंगे:
- प्रोब को साफ करके धोएँ, क्षति के लिए उसका निरीक्षण करें और जाँचें कि उसे सही तरीके से संग्रहित किया गया है।
- नए और उपयुक्त बफर विलयनों का उपयोग करके पुनः अंशांकन करें। अपेक्षित क्षारीय परास को शामिल करने के लिए pH 7.00 और pH 10.00 वाले बफर भी इस्तेमाल करें।
- सफाई उत्पाद का मापन करने से पहले किसी उपयुक्त ज्ञात मानक के विरुद्ध अंशांकन का सत्यापन करें। जब तक जाँचें स्वीकृति मानदंड को पूरा न करें, तब तक परिणामों की रिपोर्टिंग के लिए प्रोब का उपयोग नहीं करना चाहिए। यदि प्रोब फिर भी जाँच में विफल रहता है, तो उसकी सर्विसिंग कराएँ या उसे बदल दें।
अंकन:
- उपयुक्त सफाई, निरीक्षण या रखरखाव चरण के लिए 1 अंक।
- उपयुक्त नए बफर विलयनों से पुनः अंशांकन करने के लिए 1 अंक।
- ज्ञात मानक के विरुद्ध सत्यापन करने और प्रोब के फिर भी विफल होने पर उचित कार्रवाई करने के लिए 1 अंक।
समाधान 2
(a) नमूना A और C के औसत pH की गणना करें। (2 अंक)
औसत की गणना पुनरावृत्त रीडिंगों को जोड़कर और उनके योग को तीन से विभाजित करके की जाती है।
नमूना A के लिए:
\[ \begin{aligned} \text{औसत pH} &=\frac{6.42+6.48+6.43}{3}\\ &=\frac{19.33}{3}\\ &=6.44 \end{aligned} \]
नमूना C के लिए:
\[ \begin{aligned} \text{औसत pH} &=\frac{7.21+7.24+7.22}{3}\\ &=\frac{21.67}{3}\\ &=7.22 \end{aligned} \]
अंकन:
- नमूना A का औसत pH सही ज्ञात करने के लिए 1 अंक।
- नमूना C का औसत pH सही ज्ञात करने के लिए 1 अंक।
(b) सबसे कम पुनरावृत्तता वाले नमूने की पहचान करें। (2 अंक)
नमूना B की पुनरावृत्तता सबसे खराब है, क्योंकि इसकी रीडिंगों में नमूना A और C की रीडिंगों की तुलना में बहुत अधिक अंतर है।
परास, उच्चतम रीडिंग में से न्यूनतम रीडिंग घटाकर ज्ञात किया जाता है:
\[ \begin{aligned} \text{परास}&=7.82-5.12\\ &=2.70\text{ pH इकाई} \end{aligned} \]
यह बड़ा परास दर्शाता है कि नमूना B के बार-बार किए गए pH मापों में संगति नहीं है।
अंकन:
- नमूना B की पहचान करने के लिए 1 अंक।
- परास 2.70 pH इकाई सही ज्ञात करने के लिए 1 अंक।
(c) नमूना B की औसत चालकता की गणना करें। (2 अंक)
औसत चालकता है:
\[ \begin{aligned} \text{औसत चालकता} &=\frac{620+625+618}{3}\\ &=\frac{1863}{3}\\ &=621\text{ µS cm}^{-1} \end{aligned} \]
अंकन:
- औसत की सही गणना करने के लिए 1 अंक।
- सही उत्तर और इकाई लिखने के लिए 1 अंक।
(d) चालकता के आँकड़ों की व्याख्या करें। (2 अंक)
नमूना B की औसत चालकता 621 µS cm⁻¹ है, जो नमूना A की औसत चालकता (182 µS cm⁻¹) और नमूना C की औसत चालकता (लगभग 206 µS cm⁻¹) से काफी अधिक है।
इससे यह निष्कर्ष समर्थित होता है कि नमूना B में घुले हुए गतिशील आयनों की मात्रा अधिक है। हालाँकि, केवल चालकता से उपस्थित आयनों की पहचान नहीं की जा सकती और न ही यह स्थापित किया जा सकता है कि नमूना अम्लीय है या क्षारीय।
अंकन:
- अधिक चालकता पर आधारित एक उचित निष्कर्ष के लिए 1 अंक।
- एक वैध सीमा समझाने के लिए 1 अंक, जैसे विशिष्ट आयनों की पहचान करने या केवल चालकता से अम्लता निर्धारित करने में असमर्थता।
pH और चालकता अलग-अलग गुणों को मापते हैं
| pH पैमाना | अम्लीय: 7 से कम; उदासीन: 7; क्षारीय: 7 से अधिक (25 °C पर)। अम्लीयता या क्षारीयता दर्शाता है। |
|---|---|
| चालकता पैमाना | घुले हुए गतिशील आयनों की सांद्रता और गतिशीलता बढ़ने पर निम्न → उच्च। pH को सीधे निर्धारित नहीं करता और न ही विशिष्ट आयनों की पहचान करता है। |
(e) एक प्रक्रियात्मक जाँच की सिफारिश करें। (1 अंक)
तकनीशियन pH प्रोब को धो सकता है, उसे नमूना B के एक नए भाग में रख सकता है, रीडिंग को स्थिर होने दे सकता है और मापन दोहरा सकता है। वैकल्पिक रूप से, तकनीशियन उपयुक्त बफर विलयनों के विरुद्ध प्रोब के अंशांकन का सत्यापन कर सकता है।
इनमें से कोई भी तरीका यह निर्धारित करने में सहायता कर सकता है कि असंगत रीडिंगें मापन प्रक्रिया के कारण हैं या उपकरण के कारण।
अंकन:
- किसी एक वैध प्रक्रियात्मक जाँच के लिए 1 अंक।
समाधान 3
(a) औसत टाइटर की गणना करें। (1 अंक)
\[ \begin{aligned} \text{औसत टाइटर} &=\frac{12.35+12.45+12.40}{3}\\ &=12.40\text{ mL} \end{aligned} \]
अंकन:
- औसत टाइटर सही ज्ञात करने के लिए 1 अंक।
(b) NaOH की मात्रा की गणना करें। (2 अंक)
सबसे पहले, औसत टाइटर को लीटर में बदलें:
\[ 12.40\text{ mL}=0.01240\text{ L} \]
किसी विलयित पदार्थ की मात्रा \(n\), उसकी सांद्रता \(c\) और लीटर में उसके आयतन \(V\) के गुणनफल से ज्ञात की जाती है।
\[ \begin{aligned} n(\ce{NaOH})&=cV\\ &=0.1000\times0.01240\\ &=0.001240\text{ mol} \end{aligned} \]
अतः प्रयुक्त NaOH की मात्रा \(1.240\times10^{-3}\) mol है।
अंकन:
- टाइटर को लीटर में बदलने और सही संबंध का उपयोग करने के लिए 1 अंक।
- मोल में सही मात्रा प्राप्त करने के लिए 1 अंक।
(c) तनु पेय में सांद्रता की गणना करें। (3 अंक)
दी गई समीकरण से पता चलता है कि सिट्रिक अम्ल का एक मोल NaOH के तीन मोल से अभिक्रिया करता है।
अतः:
\[ \begin{aligned} n(\text{सिट्रिक अम्ल}) &=\frac{n(\ce{NaOH})}{3}\\ &=\frac{0.001240}{3}\\ &=4.133\times10^{-4}\text{ mol} \end{aligned} \]
अनुमापन किए गए ऐलिक्वॉट का आयतन 20.00 mL, अर्थात 0.02000 L है।
तनु पेय में सिट्रिक अम्ल की सांद्रता है:
\[ \begin{aligned} c&=\frac{n}{V}\\ &=\frac{4.133\times10^{-4}}{0.02000}\\ &=0.02067\text{ mol L}^{-1} \end{aligned} \]
अंकन:
- सिट्रिक अम्ल और NaOH के बीच 1:3 मोल अनुपात को सही ढंग से लागू करने के लिए 1 अंक।
- ऐलिक्वॉट के सही आयतन को लीटर में लेकर उससे विभाजित करने के लिए 1 अंक।
- सही सांद्रता और इकाई लिखने के लिए 1 अंक।
(d) मूल पेय में सांद्रता की गणना करें। (2 अंक)
मूल नमूने के 10.00 mL को तनु करके अंतिम आयतन 100.0 mL किया गया था।
तनुकरण गुणक है:
\[ \text{तनुकरण गुणक}=\frac{100.0}{10.00}=10.00 \]
इसलिए मूल सांद्रता, तनु विलयन की सांद्रता से दस गुना होगी:
\[ \begin{aligned} c_{\text{मूल}} &=0.02067\times10.00\\ &=0.2067\text{ mol L}^{-1} \end{aligned} \]
दी गई धारणा के अंतर्गत मूल पेय में सिट्रिक अम्ल की अनुमानित सांद्रता \(0.2067\text{ mol L}^{-1}\) है।
अंकन:
- 10.00 के तनुकरण गुणक की पहचान करने और उसका उपयोग करने के लिए 1 अंक।
- मूल सांद्रता और उसकी इकाई सही प्राप्त करने के लिए 1 अंक।
अनुमापन के आँकड़ों से मूल सांद्रता तक
- तनुकरण तैयार करें
मूल नमूने की मापी गई मात्रा को ज्ञात अंतिम आयतन तक तनु करें।
- मापे गए भाग का अनुमापन करें
मापे गए भाग का मानक NaOH से अनुमापन करें; टाइटर दर्ज करें।
- अम्ल के मोलों की गणना करें
NaOH के मोलों और संतुलित समीकरण के मोल अनुपात का उपयोग करें।
- तनु विलयन की सांद्रता ज्ञात करें
अम्ल के मोलों को ऐलिक्वॉट के आयतन (लीटर में) से विभाजित करें।
- मूल सांद्रता ज्ञात करें
तनु विलयन की सांद्रता को तनुकरण गुणक से गुणा करें।
(e) pH और अनुमापन के परिणामों के बीच अंतर समझाएँ। (2 अंक)
pH का मान 2.84 यह दर्शाता है कि मापन के समय मूल पेय कितना अम्लीय है। यह विलयन में हाइड्रोजन आयन की सक्रियता से संबंधित है।
अनुमापन यह मापता है कि चुने गए अंतिम बिंदु तक अम्लों को उदासीन करने के लिए NaOH की कितनी मात्रा आवश्यक है। दी गई धारणा के अंतर्गत, इससे सिट्रिक अम्ल की सांद्रता का अनुमान प्राप्त होता है। अधिक सामान्य रूप से, अनुमापन का उपयोग अनुमापन योग्य अम्लता निर्धारित करने के लिए किया जा सकता है, जो pH से अलग गुण है।
दोनों माप अलग-अलग प्रश्नों के उत्तर देते हैं, इसलिए pH के मान को सीधे अनुमापन की गणना में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
अंकन:
- pH क्या दर्शाता है, यह समझाने के लिए 1 अंक।
- अनुमापन क्या मापता है, यह समझाने और उसे pH से अलग बताने के लिए 1 अंक।
(f) एक सीमा बताएँ। (1 अंक)
किसी वास्तविक पेय में अन्य अम्ल भी हो सकते हैं जो NaOH से अभिक्रिया करते हैं। यदि ऐसे अम्ल उपस्थित हों, तो अनुमापन से केवल सिट्रिक अम्ल की वास्तविक सांद्रता के बजाय पेय की कुल अनुमापन योग्य अम्लता मापी जा सकती है।
अंकन:
- किसी वैध सीमा की पहचान करने के लिए 1 अंक, जैसे अन्य अम्लों की उपस्थिति या अंतिम बिंदु के निर्धारण में अनिश्चितता।
समाधान 4
(a) प्रत्येक बैच के औसत टाइटर की गणना करें। (2 अंक)
बैच A के लिए:
\[ \begin{aligned} \text{औसत टाइटर} &=\frac{31.55+31.60+31.65}{3}\\ &=31.60\text{ mL} \end{aligned} \]
बैच B के लिए:
\[ \begin{aligned} \text{औसत टाइटर} &=\frac{34.20+34.15+34.25}{3}\\ &=34.20\text{ mL} \end{aligned} \]
अंकन:
- बैच A का औसत टाइटर सही ज्ञात करने के लिए 1 अंक।
- बैच B का औसत टाइटर सही ज्ञात करने के लिए 1 अंक।
(b) प्रत्येक बैच में अम्ल की सांद्रता की गणना करें। (4 अंक)
HZ और NaOH के बीच अभिक्रिया में मोल अनुपात 1:1 है। इसलिए प्रत्येक नमूने में अम्ल की मात्रा, औसत टाइटर पर प्रयुक्त NaOH की मात्रा के बराबर है।
बैच A के लिए:
\[ \begin{aligned} n(\ce{NaOH}) &=cV\\ &=0.1500\times0.03160\\ &=0.004740\text{ mol} \end{aligned} \]
अम्ल की सांद्रता है:
\[ \begin{aligned} c(\ce{HZ}) &=\frac{0.004740}{0.02500}\\ &=0.1896\text{ mol L}^{-1} \end{aligned} \]
बैच B के लिए:
\[ \begin{aligned} n(\ce{NaOH}) &=0.1500\times0.03420\\ &=0.005130\text{ mol} \end{aligned} \]
अम्ल की सांद्रता है:
\[ \begin{aligned} c(\ce{HZ}) &=\frac{0.005130}{0.02500}\\ &=0.2052\text{ mol L}^{-1} \end{aligned} \]
गणना से बैच A की सांद्रता 0.1896 mol L⁻¹ और बैच B की सांद्रता 0.2052 mol L⁻¹ प्राप्त होती है।
अंकन:
- बैच A के लिए NaOH की मात्रा सही ज्ञात करने के लिए 1 अंक।
- बैच A में अम्ल की सांद्रता सही ज्ञात करने के लिए 1 अंक।
- बैच B के लिए NaOH की मात्रा सही ज्ञात करने के लिए 1 अंक।
- बैच B में अम्ल की सांद्रता सही ज्ञात करने के लिए 1 अंक।
(c) निर्धारित करें कि कौन-सा बैच विनिर्देश पूरा करता है। (2 अंक)
बैच A विनिर्देश को पूरा करता है, क्योंकि इसकी सांद्रता 0.1896 mol L⁻¹, अनुमत परास 0.185-0.195 mol L⁻¹ के भीतर है।
बैच B विनिर्देश को पूरा नहीं करता, क्योंकि इसकी सांद्रता 0.2052 mol L⁻¹, ऊपरी सीमा 0.195 mol L⁻¹ से अधिक है।
अंकन:
- बैच A को विनिर्देश पूरा करने वाला और बैच B को उसमें विफल बताने के लिए 1 अंक।
- गणना की गई सांद्रताओं और विनिर्देश की सीमाओं से निर्णय का समर्थन करने के लिए 1 अंक।
(d) पुनरावृत्त टाइटर का उद्देश्य और सीमा समझाएँ। (2 अंक)
पुनरावृत्त टाइटर मापों की पुनरावृत्तता का आकलन करने में मदद करते हैं। समान परिणाम इस बात का प्रमाण देते हैं कि मापन प्रक्रिया से संगत परिणाम प्राप्त होते हैं, जबकि कोई असामान्य परिणाम यादृच्छिक त्रुटि या प्रक्रियात्मक समस्या का संकेत दे सकता है।
हालाँकि, पुनरावृत्त मापों से व्यवस्थित त्रुटि का पता आवश्यक रूप से नहीं चलता। उदाहरण के लिए, गलत तरीके से अंशांकित मापक उपकरण या NaOH की गलत सांद्रता प्रत्येक परीक्षण को लगभग समान तरीके से प्रभावित कर सकती है।
अंकन:
- पुनरावृत्त टाइटर से संगति का आकलन करने या असामान्य परिणामों की पहचान करने का तरीका समझाने के लिए 1 अंक।
- केवल दोहराव के माध्यम से व्यवस्थित त्रुटि का पता न लगा पाने जैसी किसी सीमा की पहचान करने के लिए 1 अंक।
(e) बैच B के लिए गुणवत्ता नियंत्रण की दो कार्रवाइयों की सिफारिश करें। (2 अंक)
पहले, बैच B को रोककर रखें और जब तक परिणाम विनिर्देश के बाहर है, तब तक उसे उपयोग के लिए जारी न करें।
दूसरे, एक नया प्रतिनिधि नमूना एकत्र करें और सत्यापित उपकरणों तथा मानकीकृत NaOH का उपयोग करके अनुमापन दोहराएँ। यदि परिणाम की पुष्टि हो जाती है, तो उत्पादन प्रक्रिया की जाँच करें और बैच का पुनः परीक्षण करने से पहले संयंत्र की अनुमोदित सुधारात्मक प्रक्रिया अपनाएँ।
औद्योगिक अम्ल गुणवत्ता नियंत्रण
- बैच का नमूना लें
एकसमान प्रक्रिया अपनाकर बैच का प्रतिनिधि नमूना एकत्र करें।
- नमूने का अनुमापन करें
मापे गए ऐलिक्वॉट का मानकीकृत NaOH से अनुमापन करें।
- सांद्रता की गणना करें
औसत टाइटर, NaOH की सांद्रता और अभिक्रिया के मोल अनुपात का उपयोग करें।
- विनिर्देश की जाँच करें
गणना की गई अम्ल सांद्रता की तुलना अनुमत परास से करें।
- रोककर रखें या जारी करें
विनिर्देश के अनुरूप होने पर जारी करें; अन्यथा रोककर रखें, जाँच करें और पुनः परीक्षण करें।
अंकन:
- पुष्टि होने तक बैच को रोककर रखने की सिफारिश करने के लिए 1 अंक।
- जारी करने से पहले उचित पुनः नमूना-संग्रह, पुनः परीक्षण या जाँच की सिफारिश करने के लिए 1 अंक।
समाधान 5
(a) समझाएँ कि pH और चालकता के माप क्या स्थापित करते हैं। (4 अंक)
pH यह दर्शाता है कि पानी का नमूना कितना अम्लीय या क्षारीय है। हालाँकि, केवल pH माप से उस पदार्थ की पहचान नहीं होती जो मापी गई अम्लता के लिए उत्तरदायी है, और न ही उसके स्रोत की व्याख्या की जा सकती है।
चालकता यह दर्शाती है कि कोई विलयन विद्युत धारा को कितनी आसानी से प्रवाहित करता है। यह गुण घुले हुए गतिशील आयनों की उपस्थिति और उनके व्यवहार पर निर्भर करता है। हालाँकि, केवल चालकता से उपस्थित विशिष्ट आयनों की पहचान नहीं की जा सकती और न ही यह स्थापित किया जा सकता है कि पानी अम्लीय है या क्षारीय।
ये माप एक-दूसरे के पूरक जानकारी प्रदान करते हैं। इनमें से कोई भी माप अपने आप में पानी की गुणवत्ता में बदलाव का कारण नहीं बताता।
अंकन:
- pH क्या दर्शाता है, यह समझाने के लिए 1 अंक।
- pH माप की एक सीमा बताने के लिए 1 अंक।
- चालकता क्या दर्शाती है, यह समझाने के लिए 1 अंक।
- चालकता माप की एक सीमा बताने के लिए 1 अंक।
(b) सम्मानजनक सहयोग के लिए दो कार्रवाइयों की सिफारिश करें। (2 अंक)
दो उपयुक्त कार्रवाइयाँ हैं:
- अवलोकनों और स्थल-संबंधी जानकारी का उपयोग करने, उसे साझा करने या प्रकाशित करने से पहले संबंधित समुदाय से सूचित अनुमति प्राप्त करें और उसके निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करें।
- इस बात पर सहमति बनाएँ कि समुदाय अपने ज्ञान और आँकड़ों के उपयोग को कैसे नियंत्रित, समीक्षित, व्याख्यायित और अनुमोदित करेगा। इसमें उचित श्रेय देना और संवेदनशील स्थानों की जानकारी साझा करने पर प्रतिबंध शामिल हों।
एबोरिजिनल और टोरेस स्ट्रेट द्वीपवासी समुदाय विविध हैं। शोधकर्ताओं को यह नहीं मानना चाहिए कि किसी एक समुदाय के प्रोटोकॉल, ज्ञान या प्राथमिकताएँ दूसरे समुदाय पर भी लागू होती हैं।
अंकन:
- अनुमति, परामर्श या सामुदायिक प्रोटोकॉल से संबंधित उचित कार्रवाई के लिए 1 अंक।
- आँकड़ों पर नियंत्रण, प्रकाशन की स्वीकृति, श्रेय देने या संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा से संबंधित उचित कार्रवाई के लिए 1 अंक।
(c) प्रस्तावित वर्णन का मूल्यांकन करें। (2 अंक)
प्रस्तुत प्रमाणों से यह वर्णन उचित सिद्ध नहीं होता। किसी समकालीन समुदाय-नेतृत्व वाली परियोजना में डिजिटल प्रोब का उपयोग अपने आप यह स्थापित नहीं करता कि विधि पारंपरिक है। इसी प्रकार, किसी एक परियोजना में उपकरणों के उपयोग के आधार पर सभी एबोरिजिनल और टोरेस स्ट्रेट द्वीपवासी समुदायों के बारे में सामान्य दावा नहीं किया जा सकता।
अधिक सटीक वर्णन इस प्रकार होगा:
एक समुदाय-नेतृत्व वाली समकालीन जल-निगरानी परियोजना, जिसमें स्थान-विशिष्ट अवलोकनों को pH और चालकता के मापों के साथ जोड़ा गया है तथा जिसका वर्णन और साझा करना सहभागी समुदाय की स्वीकृति से किया जाता है।
किसी विशिष्ट सांस्कृतिक ज्ञान या प्रथा का वर्णन केवल उचित प्रमाण, संदर्भ, अनुमति और श्रेय के साथ ही किया जाना चाहिए।
अंकन:
- यह पहचानने के लिए 1 अंक कि प्रस्तावित वर्णन प्रमाणों से समर्थित क्यों नहीं है या अत्यधिक सामान्यीकृत क्यों है।
- सटीक और उचित संदर्भ वाला वैकल्पिक वर्णन सुझाने के लिए 1 अंक।
(d) दो वैज्ञानिक जाँचों की पहचान करें। (2 अंक)
उपयुक्त जाँचों में शामिल हैं:
- क्षेत्रीय कार्य से पहले और बाद में उपयुक्त मानकों की सहायता से pH प्रोब और चालकता मीटर के अंशांकन का सत्यापन करें।
- एक समान प्रक्रिया का उपयोग करके पुनरावृत्त माप लें, नमूनों के बीच प्रोब को धोएँ और नमूना-संग्रह की प्रासंगिक परिस्थितियों को दर्ज करें।
ये जाँचें यह स्थापित करने में मदद करती हैं कि माप विश्वसनीय हैं या नहीं और परिणामों की सार्थक तुलना की जा सकती है या नहीं।
अंकन:
- उपकरण के अंशांकन या सत्यापन की एक वैध जाँच के लिए 1 अंक।
- नमूना-संग्रह, पुनरावृत्ति या मापन की गुणवत्ता से संबंधित एक वैध जाँच के लिए 1 अंक।